चीन में आईफोन बनाने वाली फॉक्‍सकॉन फैक्‍ट्री से भागे 20 हजार कर्मचारी

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Foxconn InTrouble: चीन में स्थित दुनिया की सबसे बड़ी एप्पल आईफोन (iPhone) बनाने वाली फॉक्‍सकॉन (Foxconn) फैक्ट्री से जुड़ा विवाद बढ़ता ही जा रहा है. ताजा मामले में 20,000 हजार से ज्यादा कर्मचारियों ने चीन के हेनान प्रांत के झेंगझोऊ स्थित फॉक्‍सकॉन फैक्‍ट्री को छोड़ दिया है. इनमें से ज्यादातर कर्मचारी नए थे, जो फिलहाल प्रोडक्शन लाइन पर काम नहीं कर रहे थे. फॉक्सकॉन से जुड़े एक सूत्र ने शुक्रवार को समाचार एजेंसी रॉयटर्स को ये जानकारी दी है. 

इतनी बड़ी मात्रा में कर्मचारियों के प्लांट छोड़ने से फॉक्‍सकॉन की मुश्किलें बढ़ गई है. जानकारी देने वाले शख्स ने बताया है कि इससे नवंबर के आखिर तक iPhone उत्पादन के कंपनी के लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल हो गया है. पिछले कुछ हफ्तों से फॉक्‍सकॉन की इस फैक्‍ट्री के कर्मचारी कंपनी की नीतियों को लेकर गुस्से में हैं. इस पूरे विवाद पर फॉक्‍सकॉन कंपनी ने आधिकारिक तौर पर बयान देने से मना कर दिया है.

कंपनी के सख्त रवैये से नाराज हैं कर्मचारी

ताइवान की कंपनी फॉक्‍सकॉन ने गुरुवार को इस्तीफा देने वाले कर्मचारियों को 10,000 युआन (yuan) यानी 1,396 डॉलर देने की पेशकश की थी. उसके बाद इन कर्मचारियों ने गुस्से में प्लांट छोड़ दिया. कंपनी ने नए नियुक्त कर्मचारियों से वेतन संबंधी टेक्निकल गलती के लिए मांफी मांगी थी और इन कर्मचारियों से इस्तीफे के लिए कहा था. हालांकि कर्मचारियों  का कहना है कि कंपनी के इस रवैये के पीछे की वजह पिछले दिनों श्रमिकों और पुलिसकर्मियों के बीच हुई हिंसक झड़प है. चीनी सोशल मीडिया पर आज वायरल हो रहे वीडियो में भीड़ दिख रही है. लोग अपने-अपने सामान के साथ बसों के लिए लंबी कतारें लगाए हुए हैं. इनमें से एक शख्स कह रहा है कि यह घर जाने का वक्त है.

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बुधवार को श्रमिकों से जुड़े विवाद की ख़बर दुनिया भर में सुर्खियों में थी. उस दिन फॉक्‍सकॉन फैक्‍टरी के कर्मचारियों के प्रदर्शन के कई वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा था कि दर्जनों कर्मचारी सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं और नारे लगा रहे हैं. दंगारोधी पुलिस भी वहां तैनात दिख रही थी. पुलिसकर्मियों के साथ कर्मचारियों की झड़प हो रही थी. फैक्‍ट्री के इन कर्मचारियों में सख्‍त कोविड प्रतिबंधों और वेतन नहीं मिलने को लेकर नाराजगी थी. इन कर्मचारियों में कोरोना संक्रमण के तेजी से फैलने से घबराहट भी थी. 

कंपनी का दावा, प्रोडक्शन पर नहीं पड़ रहा असर
   
इस बीच इन मामलों से जुड़े फॉक्सकॉन के एक अन्य शख्स ने समाचार एजेंसी रायटर्स से कहा है कि कुछ नए कर्मचारी प्लांट का कैंपस छोड़ कर गए. कर्मचारी कितनी संख्या में गए हैं, इसकी जानकारी देने से उसने मना कर दिया. इस सूत्र का ये भी कहना है कि कर्मचारियों के जाने से मौजूदा प्रोडक्शन पर कोई असर नहीं पड़ा है. उसका कहना है कि नए कर्मचारी अभी प्रोडक्शन के काम से जुड़े ही नहीं थे क्योंकि उनकी अभी ट्रेनिंग होनी बाकी थी.    

अक्टूबर में COVID-19 के प्रसार को रोकने के उपायों को लागू करने के बाद फॉक्सकॉन कंपनी ने नवंबर की शुरुआत में बोनस और ज्यादा वेतन का वादा करते हुए एक हायरिंग ड्राइव शुरू की थी. हालांकि सख्त कोविड नियमों की वजह से कर्मचारियों अलग-थलग महसूस करने लगे और प्लांट के हालात से नाराज हो कई कर्मचारियों ने पलायन का रास्ता चुन लिया.

आईफोन सिटी के नाम से मशहूर है फॉक्‍सकॉन प्लांट

मध्‍य चीन में स्थित फॉक्‍सकॉन की इस फैक्‍ट्री को आईफोन सिटी भी कहा जाता है. यहां करीब 2 लाख से ज्‍यादा कर्मचारी काम करते हैं. इस फैक्‍ट्री में दुनिया का सबसे ज्‍यादा आईफोन असेंबल किया जाता है. झेंगझोऊ इलाके में कोविड-19 के कई मामले सामने आने के बाद से ही सख्‍त लॉकडाउन लगा दिया गया है. फॉक्‍सकॉन फैक्‍ट्री में भी कर्मचारी इन प्रतिबंधों के बीच ही काम करने को मजबूर हैं.

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